प्रिय पाठको,
इस समय अमेरिका में बसंत का मौसम है. बसंत यानि कि साल का सबसे खुशनुमा समय !! आजकल हमारे शहर में दिन जहाँ सुहाने हो रहे हैं वहीं रातें अभी भी काफ़ी ठंडी हैं. इस मौसम में ही मैं सब्जियों को घर पर उगाने के लिए तैयारी शुरू करती हूँ. अब मैने अपनी किचन बगिया की साफ सफाई शुरू कर दी है तो मैने सोचा कि यह जानकारी आप लोगों के साथ भी बाँटी जाए. घर पर पौधों को बढ़ते हुए देख कर आँखो को बहुत ठंडक पहुँचती है. बीज का अंकुरित होना, उसमें पहले दौर की पत्तियॉं का आना, पौधे का बढ़ना, और फिर लंबे इंतजार के बाद उसमें फल का आना- यकीन मानिए यह एक बेहद सुखमय अनुभव है. अपने घर की सब्जियाँ, अपनी मेहनत का फल है जो सभी केमिकल से दूर है, शुद्ध है, स्वादिष्ट है..
आजकल घर पर सब्जियाँ उगाने का चलन बहुत बढ़ गया है. इसकी बहुत सारी वजह हैं: सब्जियों और फलों को जल्दी और आसानी से उगाने के लिए इनमें कई प्रकार के पेस्टिसाइड्स/ केमिकल डाले जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं - तो कुछ लोग केमिकल से बचने के लिए घर की बगिया का सहारा लेते हैं. कुछ लोगों को बागवानी अच्छी लगती है और उन्हे प्रकति को करीब से अनुभव करने में मज़ा आता है. वैसे ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जो ऐसी सब्जियाँ जो बाजार में आसानी से उपलब्ध नही हैं उन्हे उगाना चाहते हैं, ... खैर वजह चाहे जो भी हो लेकिन अगर आप घर पर सब्जियाँ उगाने की सोच रहे हैं तो इसे काम मत समझिएगा बल्कि इसमें आनंद का अनुभव करिएगा........ .
मुझे बागवानी का बेहद शौक है. वैसे मैने बरसों तक पढ़ाई भी इसी विषय में की है. मेरे इस शौक में मेरा परिवार भी साथ देता है. मैं ख़ासतौर पर कुछ भारतीय सब्जियाँ जिनका मैं रोजाना में इस्तेमाल करती हूँ उन्हे ख़ास तौर पर घर पर उगाना पसंद करती हूँ. जिनमें से मुख्य रूप से हैं लौकी और करेला. इसके साथ में मैं बैंगन, भिंडी, टमाटर, कई प्रकार की मिर्च, धनिया, पुदीना, मेथी, पालक, बेसिल, इत्यादि भी अपनी छोटी सी बगिया में उगाती हूँ. अब क्योंकि मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार अप्रैल के आख़िरी तक बर्फ गिर सकती है तो मैने छोटे-छोटे गमलों में बीज बो दिए हैं और इन्हे मैं दिन में तापमान बढ़ने पर बाहर रख देती हूँ और रात में ठंड होने पर घर के अंदर ले आती हूँ. मई के महीने में मैं इन पौधों को बगिया में लगा दूँगी.
तो अगर आपको पास थोड़ी सी भी जगह है जहाँ तेज धूप आती है और कुछ उगा सकते हैं तो आप भी अपनी पसंद की सब्जी घर पर उगाएं. मैं यहाँ मुख्य रूप से लौकी और करेले के बारे में बता रही हूँ. वैसे आप अपने शहर की नर्सरी से इस विषय में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं..
करेला- करेला जो कि कड़वा होता है लेकिन फिर भी अपने औषधीय गुणों के चलते बेहद पसंद किया जाता हैं. एक चाइनीस कहावत है कि रोज के खाने में कुछ कड़वा ज़रूर होना चाहिए.... करेले को घर पर उगाना बेहद आसान होता है. आप करेले को भूमि में या फिर बड़े 10-12 इंच के गमले में भी उगा सकते हैं. इसकी बेल चढ़ती है तो आप यह ध्यान रखिए कि इसे साइड से सहारा देने के लिए कुछ इंतज़ाम हो. करेले को धूप तेज धूप से बेहद लगाव है और इसमें पानी रोजाना डालना होता है बस बाकी यह सीधा साधा वार्षिक पौधा है....
छोटा सा करेला और पूरी तरह से तैयार करेला बेल पर लटका हुआ- यह दोनों ही फोटो पिछले साल की घर की बगिया की हैं
करेले से नाना प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं, जैसे कि बंगाली डिश शुक्तो, करेले का जूस, करेला चिप्स, आदि.. कुछ करेले के व्यंजन जो हमने पहले से वेबसाइट से लिखे हुए हैं, भरवाँ करेले, करेले का तोरण, करेला भज्जी...
लौकी - लौकी, जिसे घिया, कद्दू, दूधी इत्यादि नामों से भी जाना जाता है, स्वास्थ के लिए बहुत अच्छी होती है. लौकी में तकरीबन 96% मात्रा पानी की होती है और इसमें रेशे भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. लौकी विटामिन सी, जिंक, और रिबॉफ्लेविन भी पाया जाता है . कुल मिला कर यह बहुत ही फ़ायदेमंद सब्जी है. अगर आपके पास थोड़ी सी भी जगह है तो आप लौकी को भी अपनी बगिया में उगा सकते हैं. लौकी आमतौर पर गर्मी की सब्जी है और तेज धूप निकलने पर ही बढ़ती है.
लौकी का छोटा सा पौधा जो 10 दिन में तैयार हुआ है और दाहिनी तरफ पिछले साल की एक घर की बगिया की फोटो जिसमें बेल पर लटकती तैयार लौकी दिख रही है
लौकी से तरह-तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं. लौकी की एक ख़ासियत यह भी है की आमतौर इसे ज़्यादातर परिवारों में व्रत के दिन भी खाते हैं. लौकी से बनने वाले कुछ स्वादिष्ट व्यंजन..
लौकी और करेले के साथ में आप अनेकों अनेक और सब्जियाँ घर पर उगा सकते हैं हमने नीचे चैरी टमाटर और एक ख़ास मैक्सिकन मिर्च की फोटो लगाई है अपने पिछले साल की घर की बगिया ऐलबम से....
शुभकामनाओं के साथ,
शुचि
